नाबालिग अपहरण केस में बड़ा फैसला: गुरमीत सिंह को 7 साल की सजा, रेप और पॉक्सो से बरी

खबरें शेयर करें

रुद्रपुर विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण और धमकी देने के मामले में अभियुक्त गुरमीत सिंह उर्फ गित्तू को दोषी ठहराते हुए कुल 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि, साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने अभियुक्त को बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं से बरी कर दिया है। यह फैसला न केवल पीड़िता के मामले में न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव है, बल्कि समाज के लिए भी एक स्पष्ट संदेश देता है।

मामला थाना नानकमत्ता क्षेत्र का है, जहां अप्रैल 2023 में एक नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सामने आया कि अभियुक्त गुरमीत सिंह उर्फ गित्तू ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और उसे करीब एक महीने तक हरियाणा में अपने पास रखा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई तलाश के बाद पीड़िता को सकुशल बरामद करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया।

मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्य की अदालत में हुई। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को अपहरण, धमकी और मारपीट का दोषी माना। कोर्ट ने धारा 363 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 के तहत 2 वर्ष का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 323 के तहत 1 वर्ष का कठोर कारावास और 1 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि बलात्कार की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के आरोप अभियोजन पक्ष संदेह से परे साबित नहीं कर सका, इसलिए इन धाराओं से अभियुक्त को बरी किया गया। अभियुक्त द्वारा जेल में पहले से बिताई गई 1 वर्ष 1 माह 22 दिन की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।


खबरें शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *