साइबर ठगी के खिलाफ ऊधमसिंहनगर पुलिस का बड़ा एक्शन, करोड़ों की ठगी करने वाला गैंग दबोचा

जिले में संगठित साइबर ठगी के मामले में ऊधमसिंहनगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में पुलिस ने करोड़ों की ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

यह मामला 29 मई को तब सामने आया जब हरबंस लाल नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसके बैंक खाते से ₹49,999 की धोखाधड़ी हुई है। साइबर सेल और सर्विलांस टीम की गहन जांच में खुलासा हुआ कि यह केवल एक मामला नहीं, बल्कि एक बड़ा फर्जीवाड़ा नेटवर्क है, जिसमें अब तक ₹3 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन सामने आ चुका है।

गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैला

ठगी का पैसा IDBI बैंक के उस खाते में ट्रांसफर हुआ था, जो मनोज सैनी नाम के व्यक्ति के नाम पर था। पुलिस ने मनोज सैनी और अजय सैनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि उन्होंने अपना बैंक खाता और दस्तावेज गैंग के सदस्यों को कमीशन पर दिए थे।

आगे की छानबीन में रामपुर रोड फ्लाईओवर से सत्यपाल सिंह और पोरस कुमार को गिरफ्तार किया गया। दोनों मुरादाबाद (उ.प्र.) के निवासी हैं और कई साइबर क्राइम मामलों में वांछित थे।

खातों को किराए पर लेकर करते थे ऑनलाइन ठगी

पूछताछ में पता चला कि गैंग के सदस्य विभिन्न व्यक्तियों से चालू खाते किराए पर लेकर उनका इस्तेमाल ठगी की रकम लेने में करते थे। सत्यपाल ने खुद के दो बैंक खाते किराए पर चलवाने की बात कबूल की, जिनके एवज में उसे 90 हजार रुपये कमीशन मिला था।

पूछताछ के बाद दो और गिरफ्तारियां, भारी मात्रा में सामान जब्त

सत्यपाल की निशानदेही पर पुलिस ने काशीपुर रोड से रितिक सोलंकी (आगरा) और विशुराज मौर्या (बिजनौर) को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से दर्जनों चेकबुक, एटीएम कार्ड, फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की गईं। इनका उपयोग ठगी के लेनदेन को छिपाने और साक्ष्य मिटाने में किया जा रहा था।

फरार हैं चार आरोपी, कई राज्यों में छापेमारी

पुलिस अब गिरोह के चार फरार सदस्यों – रोहित कुमार, बसंत, रोहित सोनी और शेरु चौहान – की तलाश में है। इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

अभियोग में जोड़ी गई संगठित अपराध की धाराएं

इस पूरे मामले को एक संगठित साइबर अपराध मानते हुए केस में BNS की धारा 3(5) और 111 भी जोड़ी गई हैं। पुलिस का मानना है कि आने वाले समय में इस गिरोह के और भी लिंक उजागर हो सकते हैं।

टीम को मिला प्रशंसा और नकद इनाम

पुलिस की इस बड़ी सफलता पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने संपूर्ण टीम को ₹5000 का नकद इनाम देने की घोषणा की है। टीम में कोतवाली रुद्रपुर, साइबर सेल और एसओजी के अफसरों और जवानों ने अहम भूमिका निभाई।

संक्षेप में गिरफ्तार आरोपी:

सत्यपाल सिंह (मुरादाबाद)

पोरस उर्फ पुष्पेन्द्र (मुरादाबाद)

रितिक सोलंकी (आगरा)

विशुराज मौर्या (बिजनौर)

पहले पकड़े गए:

मनोज सैनी (काशीपुर)

अजय सैनी (काशीपुर)

फरार:

रोहित कुमार, बसंत, रोहित सोनी, शेरु चौहान

बरामद सामान: मोबाइल फोन: 9, सिम कार्ड: 15 , एटीएम कार्ड: 12, चेकबुक: 13, भरे हुए चेक: 21, पासबुक: 4, QR स्कैनर: 2, डोंगल, डायरी, बैंक दस्तावेज, मोटरसाइकिल व एक स्विफ्ट कार