साइबर ठगी में अल्मोड़ा निवासी से 1.18 करोड़ की धोखाधड़ी, साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज

रुद्रपुर/अल्मोड़ा। कुमाऊं में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने अल्मोड़ा निवासी एक व्यक्ति को गोल्ड माइनिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 1,18,28,672 रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

तहरीर के अनुसार, पीड़ित को 4 अगस्त 2025 को अज्ञात महिला ने मोबाइल नंबर 9864984918 से व्हाट्सएप कॉल और संदेश भेजकर संपर्क किया। महिला ने खुद को मुंबई निवासी बताते हुए दावा किया कि वह “Golden Bridge Investment” नामक कंपनी से जुड़ी है, जो गोल्ड माइनिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग का ऑनलाइन बिजनेस संचालित करती है। इसके बाद महिला ने पीड़ित को कंपनी की वेबसाइट www.centuryispro.in पर खाता बनवाने के लिए प्रेरित किया और उसकी ईमेल आईडी लेकर स्वयं उसका अकाउंट तैयार कर दिया।

 

ठगों ने पीड़ित को तेजी से मुनाफा होने का लालच देकर कई बैंक खातों में रकम जमा करने के लिए कहा। भरोसा जमा लेने के लिए ‘कस्टमर सर्विस’ के नाम पर अलग-अलग खातों की जानकारी भेजी जाती थी। इसके झांसे में आकर पीड़ित ने 4 अगस्त से 29 सितंबर 2025 के बीच अलग-अलग तिथियों में 40 हजार, 1 लाख, 2 लाख, 5 लाख, 10 लाख, 16 लाख, 15 लाख सहित कुल 1 करोड़ से अधिक की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में जमा की।

 

पीड़ित के अनुसार, जब उसने धनराशि वापस लेने का प्रयास किया तो ठगों ने उसे बताया कि उसके निवेश की रकम गोल्ड माइनिंग में लगी है और राशि प्राप्त करने के लिए उसे 30% इनकम टैक्स जमा करना होगा। इस पर पीड़ित ने 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच तीन बार में 37 लाख से अधिक की राशि ‘टैक्स’ के नाम पर भी भेज दी।

 

इसके बाद जब पैसे नहीं लौटे और नए-नए शुल्कों की मांग की जाने लगी, तब पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ। पीड़ित ने बताया कि इसी अवधि में उसके भारतीय स्टेट बैंक खाते में ठगों द्वारा कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी किए गए थे। ठगों ने 4 हजार, 6.24 लाख, 4,320, 1.84 लाख और 5.20 लाख रुपये उसके खाते में भेजकर फिर आगे फर्जी निवेश के नाम पर वापस ट्रांसफर कराए।

 

पूरी रकम पीड़ित और उसके परिजनों के बैंक खातों—स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और जिला सहकारी बैंक—से विभिन्न तिथियों में भेजी गई। पीड़ित ने इस संबंध में 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज की है, जिसका क्रमांक 33511250020448 व 33511250020468 है।

 

पीड़ित ने तहरीर में आरोप लगाया कि अज्ञात महिला और उसके साथियों ने कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए झूठी कंपनी के नाम पर भारी-भरकम निवेश का लालच देकर उससे 1 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की ठगी की।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने पीड़ित के धन को रिकवर करने और ठगों की पहचान के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी है।