हैरत: मलिक चला रहा कार और बिक गई दो बार, तीन आरोपियों पर मुकदमा

मारुति डिजायर कार के स्वामित्व हस्तांतरण में कूटरचना का चौंकाने वाला मामला सामने आया
तकनीकी जांच में साफ हुआ चेचिस नंबर का अंतर

फर्जी हस्तांतरण रद्द, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
रुद्रपुर लोकपथ संदेश ब्यूरो
एक कार को बिना बिके ही कागजों में दो बार बेच देने का हैरतअंगेज मामला सामने आया है। जबकि कार मालिक के पास ही कार मौजूद थी। जब बीमा का नवीनीकरण कराना चाहा तो कार का हस्तांतरण दूसरे व्यक्ति के नाम पर मिला। इसके बाद जब परिवहन विभाग को शिकायत की तो जांच के बाद पूरा मामला साफ हुआ।
उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी रुद्रपुर की जांच के बाद फर्जी तरीके से किए गए दोनों हस्तांतरण रद्द कर दिए गए हैं। वहीं थाना पन्तनगर में मामले में दो नामजद समेत एक अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) मोहित कोठारी ने थानाध्यक्ष पन्तनगर को भेजे पत्र में बताया है कि हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल पुत्र गोपाल सिंह ने 10 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि उन्होंने 2017 मॉडल की मारुति डिजायर वीएक्सआई (चेसिस नंबर एमए3सीजेडएफ63एसएचई106060) वर्ष 2020 में खरीदी थी और कभी किसी को नहीं बेची। बीमा नवीनीकरण के दौरान उन्हें पता चला कि वाहन किसी और के नाम पर बीमा है। जांच में सामने आया कि वाहन 3 जुलाई 2025 को बाजपुर निवासी मोहम्मद जफर और फिर 14 जनवरी 2026 को नैनीताल के धमोला गांव निवासी नीरज कुमार के नाम हस्तांतरित दिखाया गया। नीरज कुमार द्वारा पेश किए गए वाहन की तकनीकी जांच में चेसिस संख्या अलग (एमए3सीजेडएफ63एसजेजी384003) पाई गई, जो मेरठ (उत्तर प्रदेश) में यूपी-15सीआर-1903 के रूप में दर्ज है।इसके विपरीत, सहदेव कुमार पाल द्वारा पेश किए गए वाहन की चेसिस और इंजन संख्या मूल रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाती है। विभाग ने स्पष्ट किया कि नीरज के पास मौजूद वाहन मूल यूके-06एएन-0807 नहीं है।जांच में यह भी पाया गया कि हस्तांतरण के समय मूल मालिक कार्यालय में मौजूद नहीं थे। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज जमा कर हस्तांतरण कराया। परिणामस्वरूप दोनों फर्जी हस्तांतरण रद्द कर दिए गए हैं। वाहन को जांच पूरी होने तक विभाग की निगरानी में रखा गया है। मामले की सूचना परिवहन आयुक्त उत्तराखंड और सम्भागीय परिवहन अधिकारी हल्द्वानी को भी दी गई है। मामले में दो आरोपियों समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।