27 May 2026, Wed

आतंकी संगठन अलबदर से असलहा कनेक्शन का खुलासा, सितारगंज से सप्लायर शिकंजे में

Spread the love
  • ऊधम सिंह नगर पुलिस ने दो अंतर्राज्यीय अवैध असलहा तस्कर गिरफ्तार
  • 2 पोनिया राइफल 1 रिवॉल्वर, 2 तमंचे और 344 कारतूस बरामद

सितारगंज, लोकपथ संदेश ब्यूरो
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देशन में ऑपरेशन प्रहार के तहत जनपद में अपराधों की रोकथाम और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 8 अप्रैल को एसओजी रुद्रपुर और कोतवाली सितारगंज पुलिस द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति बिना नम्बर प्लेट की सफेद स्विफ्ट कार से सिडकुल फेस-02 क्षेत्र से कच्चे रास्ते के माध्यम से अवैध असलहा लेकर जा रहे हैं। तत्काल पुलिस टीम ने घेराबंदी की। एक संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने वाहन को पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया गया, जो कच्चे रास्ते में फंस गया। पुलिस टीम द्वारा तत्परता दिखाते हुए दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहा एवं कारतूस बरामद हुए।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह पुलिस दबिश की डर से हथियारों को चोरगलिया जंगल में छिपाने जा रहे थे तथा अंतर्राज्यीय स्तर पर इनकी सप्लाई करते थे। उन्होंने अपना नाम हरेन्द्र सिंह उर्फ हनी पुत्र इन्द्रपाल सिंह, निवासी बिरिया फार्म सिसैया, कोतवाली सितारगंज (उम्र 27 वर्ष) और निखिल वर्मा उर्फ रानू पुत्र रमेश चन्द्र, निवासी केशवनगर, सितारगंज (उम्र 27 वर्ष) बताया।
दोनों शातिर तस्करों के विरुद्ध पांच-पांच मुकदमे कोतवाली सितारगंज में दर्ज हैं।
अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वह अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जम्मू निवासी “वाहिद/वाजिद” सहित अन्य व्यक्तियों को हथियार उपलब्ध कराए जाते थे। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि पुलभट्टा निवासी इन्द्रजीत संधू व पवन संधू के माध्यम से यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। अभियुक्त अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे।
पुलिस दबिश के बाद दोनों आरोपी बरामद हथियारों को चोरगलिया जंगल में छिपाने की योजना बनाकर जा रहे थे, तभी पुलिस टीम द्वारा उन्हें पकड़ लिया गया।

बैंक खातों से हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त खातों से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क किया गया, तो एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

आतंकी संगठन ‘अल बदर’ से संबंध
जांच में सामने आया है कि रेहान मीर जो जम्मू-कश्मीर के टुलरन सोफिया का निवासी है, इस नेटवर्क का मुख्य हिस्सा है। रेहान मीर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल बदर का ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) है। वह पकड़े गए अभियुक्त के खाते में लगातार पैसे ट्रांसफर कर रहा था।

हथियार सप्लाई और दिल्ली पुलिस की जांच
इस मामले के तार सितारगंज से भी जुड़े पाए गए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि रेहान मीर द्वारा सितारगंज निवासी हनी के खाते में जो धन भेजा गया था, उसके बदले हनी द्वारा हथियारों की सप्लाई की गई थी या नहीं। दिल्ली स्पेशल सेल में इस संबंध में अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है।
आतंकी गतिविधियों और हथियारों की तस्करी के दृष्टिकोण से दोनों आरोपियों के संबंधों की जांच जारी है। उधम सिंह नगर पुलिस अब अग्रिम कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और दिल्ली पुलिस** के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए है।

By A J

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *