उत्तराखंड में दोहरी पेंशन घोटाले का पर्दाफाश, रिटायर्ड कर्मचारी ले रहे थे विभागीय व समाज कल्याण पेंशन, 1377 मामलों की जांच शुरू, कई पेंशन पर लगी रोक

देहरादून। उत्तराखंड में दोहरी पेंशन लेने के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सामने आया है कि कई सरकारी विभागों से रिटायर्ड कर्मचारी एक ओर जहां अपने विभाग से रिटायरमेंट पेंशन ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के तहत वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का भी लाभ उठा रहे हैं। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद समाज कल्याण निदेशक द्वारा प्रदेशभर में जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
निदेशक के निर्देश पर सभी जिलों में जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। देहरादून जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार जिले में ऐसे 126 मामले चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 93 वृद्धावस्था और 33 विधवा पेंशन धारक शामिल हैं। इन सभी की सीडीओ कार्यालय के माध्यम से घर-घर जाकर वेरिफिकेशन की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
समाज कल्याण विभाग ने पूरे प्रदेश में कुल 1377 रिटायर्ड कर्मचारियों की सूची जिलों को भेजी है। इनमें से 314 पेंशन पहले ही रोकी जा चुकी हैं, जबकि 970 मामलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं।
यह मामला तब उजागर हुआ, जब महालेखाकार कार्यालय ने पेंशन रिकॉर्ड की जांच की। रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर पर संज्ञान लेते हुए अब समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
