November 29, 2025

रिलायंस कैंपा कोला की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर व्यापारी से 23 लाख की ठगी

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रुद्रपुर। लालपुर निवासी एक व्यापारी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिकारी बनकर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए। कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देकर ठगों ने व्यापारी से 23 लाख 55 हजार रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने साइबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

पीड़ित व्यापारी के अनुसार, वह कैंपा कोला की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेना चाहते थे। इसी खोज में उन्होंने 28 सितंबर 2025 को गूगल पर ‘कैंपा कोला डिस्ट्रीब्यूटरशिप’ सर्च की, जहां उन्हें एक वेबसाइट पर संपर्क नंबर मिला। व्यापारी द्वारा कॉल करने पर सामने वाले ने स्वयं को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अधिकारी बताया और व्हाट्सएप पर फॉर्म, टर्म एंड कंडीशन, प्रोडक्ट लिस्ट और एक ऑडियो क्लिप भेजकर लोकेशन की मांग की।

 

पीड़ित ने बताए अनुसार लोकेशन और दस्तावेज भेजे, जिसके बाद 31 अक्टूबर 2025 को उन्हें फर्जी ‘अप्रूवल फॉर्म’ भेजा गया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर ₹82,010 राम कुमार नामक व्यक्ति के केनरा बैंक खाते में जमा कराए गए।

 

इसके तुरंत बाद पीड़ित को देहरादून बुलाया गया, जहां उनसे ₹4.60 लाख सिक्योरिटी फीस और ₹80,000 एग्रीमेंट फीस जमा करने को कहा गया। ठगों द्वारा बताए खाते में व्यापारी ने 4.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 11 नवंबर को ‘इनिशियल स्टॉक’ और जीएसटी के नाम पर एक और भारी रकम ₹9.44 लाख आरटीजीएस के माध्यम से जमा कराई गई।

 

ठगों ने व्यापारी को बताया कि डिस्ट्रीब्यूशन का माल लेकर ट्रक मुंबई से देहरादून के लिए रवाना हो गया है, लेकिन 14–15 नवंबर तक भी ट्रक नहीं पहुंचा। संपर्क करने पर साइबर अपराधी कभी ड्राइवर, कभी ट्रैफिक और कभी तकनीकी कारण बताकर बहाने बनाते रहे।

 

इसी दौरान एक व्यक्ति महेश ने स्वयं को कंपनी का सीआरएम अधिकारी बताते हुए कहा कि गोदाम, व्यापारी और मार्केटिंग टीम का इंश्योरेंस अनिवार्य है। इस बहाने 17 नवंबर को व्यापारी ने ₹6,18,940 इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते में भेज दिए। बाद में ‘एनओसी’ भेजकर ₹2,50,501 और जमा करवाए गए, यह कहकर कि राशि अगले दिन वापस कर दी जाएगी।

 

लेकिन अगले दिन पीड़ित के खाते में सिर्फ ₹2,500 ही लौटाए गए। रसीद में दिखाए गए आरआरएन नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन के नंबर मेल न खाने पर व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ।

 

इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की और साइबर थाना पुलिस को तहरीर सौंपी। व्यापारी ने आरोप लगाया है कि ठगों ने विभिन्न खातों में कुल ₹23,55,451 की साइबर ठगी की। उन्होंने पुलिस से धनराशि की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

 

साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शनों, मोबाइल नंबरों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

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