कोरोना ने नौकरी छुड़ाई, लोगों को किया ‘कंगाल’, खुद हुआ ‘मालामाल’

- बीटेक किए युवक ने 35 लाख की साइबर ठगी कर आईटीआई के रिटायर्ड प्रशिक्षक को लगाया चूना
- एसटीएफ की साइबर सेल के रडार में आने के बाद फरीदाबाद से धरा आरोपी
रुद्रपुर लोकपथ संदेश ब्यूरो
नाम, रविकांत शर्मा, उम्र 32 साल, शैक्षिक योग्यता बीटेक और सैलरी महज 16 हजार। योग्यता देखकर आपको भी यकीनन लगेगा कि बीटेक किए युवक की सैलरी इतनी कम। कुछ ऐसा ही रविकांत को भी जॉब के हर दिन महसूस होता था। वहीं देश-दुनिया में कोरोना ने दस्तक दी तो उसकी यह जॉब भी चली गई। इसके बाद रविकांत ने वह राह पकड़ी जिसमें दौलत तो उसने बेशुमार कमाई लेकिन इसे कमाने के लिए वह दूसरों को कंगाल करता गया। उसने अपनी बीटेक की डिग्री से मिले तकनीकी हुनर को साइबर ठगी में प्रयोग कर शार्टकट से रईस बनने की राह पकड़ी लेकिन आखिरकार वह उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर थाना पुलिस के रडार में आ ही गया और साइबर सेल ने उसे फरीदाबाद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। अब वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है और उसकी साइबर ठगी से कमाई संपति की भी एसटीएफ जांच कर रही है।
रुद्रपुर उत्तराखंड में सीओ एसटीएफ सुमित पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस में भीमलाल नैनीताल निवासी चैतन्य किशोर से 35 लाख की ठगी की घटना का गुरुवार को खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ठगी में ग्राम मुड़ियाखेड़ा मोरेना, मध्य प्रदेश निवासी रवि कांत शर्मा पुत्र राजबीर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने बीमा पॉलिसी का रुपया आरबीआई में फंसने का झांसा देकर टीडीएस जमा कराने के नाम पर कुल दस बार ट्रांजेक्शन कराकर कुल 35 लाख की रकम ठग ली। पुलिस से बचने के लिए आरोपी समय-समय पर अपनी लोकेशन बदल लेता था। वह इतना शातिर था कि ठगी की रकम अलग-अलग शहरों के अलग-अलग खातों में मांगता था और अलग-अलग शहरों के एटीएम से यह रकम निकाल लेता था। एसटीएफ जांच कर रही कि उसने अन्य प्रदेशों में किस-किस को और साइबर ठगी का शिकार बनाया है।
