उधमसिंहनगर में नशा माफिया पर करारा प्रहार: काशीपुर पुलिस–एसओजी ने 5000 अवैध इंजेक्शन और 326 सिरप संग तस्कर दबोचा, बिना लाइसेंस नशीली दवाओं की खेप जब्त

उधमसिंहनगर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में काशीपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने लाखों रुपये की नशीली दवाओं की भारी खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई देर रात टांडा बागवाला—टांडा उज्जैन रोड पर की गई, जहां नियमित चेकिंग के दौरान नशीले इंजेक्शन और सिरप से भरी स्कूटी पकड़ी गई।
जानकारी के अनुसार, टीम ने जब एक संदिग्ध स्कूटी UK18C-5740 को रोककर जांच की, तो उसमें दो बड़े गत्ते के डिब्बों में BINORPHINE – BUPRENORPHINE INJECTION IP के 200 कार्टन मिले, जिनमें कुल 5000 अवैध इंजेक्शन भरे थे। इसके अलावा तीन अन्य कार्टनों में CODINE PHOSPHATE & TRIPROLIDINE HCL के 326 सिरप बिना किसी वैध लाइसेंस, परमिट या बिल के पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी बिना किसी पंजीकरण या अनुमोदन के इन दवाओं का परिवहन कर रहा था।
बरामद दवाओं की तकनीकी जांच के लिए वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि दोनों प्रकार की दवाएं नियंत्रित (Controlled Drugs) श्रेणी में आती हैं और इनका परिवहन केवल लाइसेंस प्राप्त संस्थानों द्वारा ही किया जा सकता है। बिना लाइसेंस और बिना बिल के इनका परिवहन NDPS Act का गंभीर उल्लंघन है। औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला और निधि शर्मा ने भी मौके पर दवाओं की संरचना, पैकिंग और बैच से संबंधित औषधीय नियमों का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मौके से आरोपी दीपक ठाकुर (24), निवासी ग्राम शक्तिखेड़ा, थाना भगतपुर, जिला मुरादाबाद (उ.प्र.) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से नशीली दवाओं के अवैध परिवहन में शामिल है और विभिन्न स्थानों पर नशे के नेटवर्क को सप्लाई करता था। पुलिस अब सप्लाई चैन व नेटवर्क का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ कर रही है।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जिले में नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है, जिसके तहत लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि नशा तस्करी या अवैध दवा व्यापार में संलिप्त किसी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक कृष्ण चंद आर्या, उपनिरीक्षक हेमचंद तिवारी, उपनिरीक्षक मनोज सिंह धोनी, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल हरीश और कैलाश तोमकयाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने बरामदगी में शामिल सभी वस्तुओं—5000 इंजेक्शन, 326 बोतल सिरप और स्कूटी को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जिले की यह बड़ी कामयाबी नशे के अवैध कारोबार पर पुलिस की प्रभावी पकड़ को दर्शाती है और आगे भी ऐसे अभियानों को और तेज करने की तैयारी की जा रही है।
