पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, मुख्य आरोपी को 20 साल कैद व 1 लाख जुर्माना

देहरादून। पिस्टल की नोक पर स्कूल जाती किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने मुख्य आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी। वहीं, दो अन्य दोषियों को चार-चार साल की कैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। अदालत ने साफ कहा कि जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
स्कूल जाती किशोरी का हुआ था अपहरण
मामला वर्ष 2019 का है। तीन सितम्बर को पटेलनगर कोतवाली में पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्षीय बेटी सुबह स्कूल जा रही थी। इसी दौरान बरेली निवासी उनका एक रिश्तेदार उसे पिस्टल दिखाकर जबरन बाइक पर बैठा ले गया। आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और जंगल में अपने दो साथियों के पास ले गया। होश आने पर किशोरी को धमकाकर नैनीताल और रुद्रपुर ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पहले भी किया था शोषण
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य आरोपी पहले भी किशोरी का शारीरिक शोषण कर चुका था, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। बाद में अदालत के आदेश पर उसका गर्भपात कराया गया। मेडिकल परीक्षण में भी बच्चेदानी में भ्रूण के अवशेष मिले और डीएनए जांच से आरोप पुख्ता हो गए।
पुलिस कार्रवाई और फैसला
पुलिस ने मुख्य आरोपी को 6 सितम्बर 2019 और अन्य दो आरोपियों को 20 अक्टूबर 2019 को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा चला। शासकीय अधिवक्ता किशोर
