डीएम ने शीतलहर में रेन बसेरों, अलाव, विद्यालयों, विदेशी पक्षी संरक्षण और वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने के व्यापक निर्देश दिए

रूद्रपुर में शीतलहर की संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सभी संबंधित विभागों की एक अहम समीक्षा बैठक ली। इसमें उन्होंने अधिकारियों को अभी से सतर्क रहकर पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तमाम विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि ठंड के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रेन बसेरों में सुविधाएँ दुरुस्त रखने के निर्देश
जिलाधिकारी ने नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रेन बसेरों में साफ-सफाई, बिजली, पानी, बिस्तर, कंबल व हीटर की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अलाव हेतु स्थान चिन्हित करने और शीतलहर के दौरान जलाए जा रहे अलाव की जियो-टैग्ड तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में आपदा प्रबंधन कार्यालय को उपलब्ध कराने के भी आदेश दिए।
साथ ही रेन बसेरों में ‘नेकी का घर’ बनाकर जरूरतमंदों के लिए वस्तुओं को संग्रहित एवं वितरित करने का प्रचार-प्रसार करने को भी कहा।
उन्होंने चेताया कि अलाव जलाने वाले स्थान बिजली की लाइन, ट्रांसफार्मर या कूड़ा गोदाम के पास न हों, अन्यथा आग लगने का खतरा रहता है। नगर निकायों को वन विभाग से पेड़ों की जड़ें खरीदने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे लंबे समय तक अलाव जल सके।
विद्यालयों और छात्रावासों में कंबल की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि छात्रावासों और विद्यालयों में रह रहे छात्रों के लिए कंबलों की व्यवस्था की जाए। साथ ही निजी विद्यालयों में भी आपदा प्रबंधन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
विदेशी पक्षियों के शिकार पर सख्ती
उन्होंने उपजिलाधिकारी, पुलिस एवं पर्यटन विभाग को विशेष रूप से हरिपुरा और बौर जलाशय क्षेत्र पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। यहां विदेशी पक्षी व पर्यटक आते हैं, लेकिन कुछ स्थानीय लोग पत्तों में जहर डालकर पक्षियों को खिलाते हैं और उनका शिकार करते हैं। जिलाधिकारी ने इस पर तत्काल रोक लगाने और कठोर कार्रवाई करने को कहा।
अस्पतालों व पशुओं के लिए भी इंतज़ाम
चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों के साथ मौजूद परिजन (तिमारदार) ठंड से बच सकें, इसके लिए अस्पताल परिसर में अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पशुपालन विभाग को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निराश्रित मवेशियों के लिए शेल्टर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
दुर्घटनाओं पर लगाम: वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य
जिलाधिकारी ने सड़कों पर दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सभी मालवाहक वाहनों और गन्ना ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रोलियों में उच्च गुणवत्ता के रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया है। इसके लिए पुलिस और गन्ना विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से भी संपर्क कर CSR के माध्यम से रिफ्लेक्टर्स व साइनेज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी यू.सी. तिवारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, जिला प्रोविजन अधिकारी व्योमा जैन, सहायक आयुक्त श्रम अरविंद सिंह, ईई पेयजल सुनील जोशी, विद्युत विभाग के राजीव चक्रवर्ती सहित कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
