थाईलैंड-म्यांमार साइबर गिरोह का पर्दाफाश, काशीपुर का दलाल गिरफ्तार

रुद्रपुर। थाईलैण्ड, म्यांमार और बैंकॉक में नौकरी के लालच में ले जाए गए भारतीय युवाओं को साइबर ठगी कराने वाले एजेंटों का नेटवर्क एसटीएफ की जांच में बड़े स्तर पर उजागर हुआ है। विदेशों में बंधक बनाकर साइबर अपराध कराए जा रहे कई भारतीयों को रेस्क्यू कर भारत वापस लाया गया, जिनमें उधम सिंह नगर के 7 युवक शामिल हैं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड और आईजी एसटीएफ ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए। एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह के अनुसार पीड़ित युवाओं से पूछताछ में सामने आया कि काशीपुर–जसपुर क्षेत्र में कुछ एजेंट मोटी रकम लेकर युवाओं को विदेशी नेटवर्क के माध्यम से अवैध तरीके से भेज रहे थे। जांच में सुनील, अशोक, पिंकी, नीरव चौधरी, प्रदीप और महाराष्ट्र निवासी धन्त्रजय के नाम सामने आए, जिनके खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, कुमाऊँ में 22 नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर काशीपुर निवासी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसने स्वीकार किया कि वह मनीष चौहान के साथ मिलकर युवाओं को नौकरी का लालच देकर विदेश भेजता था। प्रदीप ने पीड़ित अयाज को बैंकॉक भेजने के लिए 45 हजार रुपये कमीशन लेने की बात कबूल की। बाद में अयाज को अवैध रास्तों से म्यांमार स्थित कुख्यात KK पार्क ले जाकर साइबर ठगी में लगाया गया।
एसटीएफ ने अभियुक्त के मोबाइल और व्हाट्सऐप चैट से महत्वपूर्ण डेटा बरामद किया है। इससे पहले सुनील और नीरव को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसएसपी एसटीएफ ने जनता को चेताया कि विदेश जाने से पहले ऑफर लेटर, एजेंसी की वैधता और वीज़ा की जांच अवश्य करें। किसी भी ठगी की स्थिति में www.cybercrime.gov.in या 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
