करोड़ों की कर चोरी बेनकाब, तीन कारोबारियों पर गिरी गाज

रुद्रपुर/काशीपुर। संवाददाता। राज्य कर विभाग ने फर्जी बिलों और बोगस फर्मों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। विभाग की विशेष जांच शाखा ने शुक्रवार को काशीपुर और रुद्रपुर स्थित तीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की कर चोरी का पर्दाफाश किया। कार्रवाई के दौरान मौके पर ही 2.21 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली की गई।
सूत्रों के अनुसार काशीपुर के महुवाखेड़ा क्षेत्र में संचालित एक लिथियम बैट्री परिशोधन कंपनी ने दिल्ली की शेल कंपनियों से खरीद दिखाकर करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया था। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर कंपनी संचालक ने तत्काल 50 लाख रुपये कर के रूप में जमा कर दिए।
इसी तरह रुद्रपुर की भूरारानी रोड पर स्थित एक ऑटो पार्ट्स निर्माता ने अपनी वास्तविक देनदारी को मिथ्या आईटीसी के जरिए एडजस्ट कर रखा था। टीम ने छापेमारी कर 13.5 लाख रुपये की वसूली की और फर्म को विभागीय निगरानी में ले लिया।
वहीं काशीपुर के चैती गांव निवासी एक ठेकेदार ने सरकारी विभागों से 8.75 करोड़ रुपये का भुगतान तो ले लिया, लेकिन जीएसटी जमा नहीं किया। छापे के दौरान ठेकेदार ने 1.57 करोड़ रुपये कर चोरी स्वीकारते हुए राशि जमा कर दी। शेष बकाया कर वह जल्द अदा करने का लिखित आश्वासन भी दिया।
इस बड़ी कार्रवाई में उपायुक्त मो. इसहाक खान, ज्ञान चंद्र, विनय प्रकाश ओझा, सहायक आयुक्त मो. जीशान मलिक, मो. यासिर और राजेश कुमार सहित विभाग की विशेष टीम शामिल रही।