रुद्रपुर- गांधी पार्क में मजदूरों का सत्याग्रह -102 स्थाई श्रमिकों की कार्यबहाली की मांग

अपेक्स बिल्डसिस लिमिटेड, पंतनगर के 102 स्थायी मजदूरों और उनके परिवार की महिलाओं ने गुरुवार को गांधी पार्क रुद्रपुर में मजदूर सत्याग्रह किया। एरा श्रमिक संगठन के बैनर तले हुए इस आंदोलन में मजदूरों ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश लागू कराकर उन्हें सवेतन कार्यबहाली दिलाने की मांग उठाई।
एरा श्रमिक संगठन के महामंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि जुलाई 2017 में कंपनी बंद कर 102 मजदूरों को बेरोजगार कर दिया गया था। लंबे संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद एनसीएलटी की नीलामी प्रक्रिया में कारखाना जसमृत डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड को सभी श्रमिकों सहित हस्तांतरित हुआ। बावजूद इसके कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों को बहाल करने के बजाय नई भर्ती कर कानून का उल्लंघन किया।
श्रमिक संयुक्त मोर्चा के महासचिव चंद्रमोहन लखेड़ा ने औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 का हवाला देते हुए कहा कि मिलबंदी खत्म होने पर पहले छंटनीशुदा श्रमिकों की नियुक्ति होनी चाहिए। संगठन मंत्री सुनील देवल ने आरोप लगाया कि सहायक श्रमायुक्त (एएलसी) मामले को जानबूझकर लटकाए हुए हैं।
एरा श्रमिक संगठन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि कुमाऊं आयुक्त ने भी दस्तावेज देखने के बाद मजदूरों की बहाली को उचित माना था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। सीएसटीयू महासचिव मुकुल और इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश चंद्र ने इसे धोखाधड़ी करार देकर कंपनी मालिक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
चेतावनी दी गई कि यदि 8 अक्टूबर तक समाधान नहीं हुआ तो मजदूर महिलाओं के नेतृत्व में कंपनी गेट पर धरना देंगे। समाजसेवी सुब्रत विश्वास और आम आदमी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष किरण पांडे ने भी मजदूरों को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
