आरएमएल यूनियन ने नई श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाईं

रुद्रपुर…
ट्रेड यूनियन ऐक्टू से संबद्ध आरएमएल एम्प्लॉइज यूनियन ने केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में सिडकुल चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और श्रम संहिताओं की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया। यूनियन के सहसचिव एवं सिडकुल संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि सरकार मजदूर हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन नई श्रम संहिताएं मजदूरों को अधिकारों से वंचित करने वाला कदम साबित होंगी।
उन्होंने कहा कि पुराने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाई गई 4 श्रम संहिताओं में मजदूरों के अधिकारों में व्यापक कटौती की गई है। नई व्यवस्था में स्थायी नौकरी की जगह फिक्स्ड टर्म जॉब को बढ़ावा मिलेगा, जिससे श्रमिक हमेशा हायर एंड फायर पॉलिसी के खतरे में रहेगा। श्रमिक संगठनों का गठन और सामूहिक संघर्ष का अधिकार भी सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा, अब 300 तक मजदूर रखने वाला मालिक बिना राज्य सरकार की अनुमति उद्योग बंद कर सकेगा, जबकि पहले यह सीमा 100 थी।
भाकपा माले जिला सचिव ललित मटियाली ने कहा कि फैक्ट्रियों में पहले ही मजदूर शोषण का सामना कर रहे हैं। ऐसे में हड़ताल को गैरकानूनी बनाना मजदूरों को पूरी तरह कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमृतकाल के नाम पर पूंजीपतियों के हित में कानून बनाकर मजदूरों को गुलामी की ओर ले जा रही है।
प्रदर्शन में कमलेश कार्की, मनोज मेहता, मनीष, जगदीश, धीरज सहित अनेक श्रमिक मौजूद रहे।
