हरिद्वार को छोड़ 12 जिलों में पंचायत चुनाव की तैयारी पूरी, 21 जून को अधिसूचना जारी होगी

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हरिद्वार जिले को छोड़कर राज्य के बाकी 12 जिलों में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। पंचायतों का आरक्षण प्रस्ताव तैयार कर पंचायती राज निदेशालय ने शासन और राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिया है। अब 21 जून को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी।
उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इस बार दो चरणों में कराए जाएंगे। पंचायतों के आरक्षण प्रस्ताव के अनुसार ग्राम पंचायत प्रधान के 7817 पदों में से अनुसूचित जनजाति के लिए 226, अनुसूचित जाति के लिए 1467 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1250 पद आरक्षित किए गए हैं।
पंचायती राज सचिव चंद्रेश यादव के मुताबिक ग्राम पंचायत प्रधानों के कुल पदों में 50% से अधिक सीटें आरक्षित की गई हैं। वहीं, 12 जिलों में ब्लॉक प्रमुख के 89 पदों में से एसटी के लिए 3, एससी के लिए 18 और ओबीसी के लिए 15 पद आरक्षित किए गए हैं।
(पंचायती राज सचिव चंद्रेश यादव)
ट्रिपल टेस्ट के बाद पहली बार हो रहे इन चुनावों को प्रथम चक्र मानकर प्रक्रिया शुरू की गई है। आरक्षण रोस्टर भी प्रथम चक्र के अनुसार लागू किया गया है।
प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष के 12 पदों पर भी चुनाव होंगे, जिसमें एससी के लिए 2, ओबीसी के लिए 2 और बाकी 9 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। सभी स्तरों पर 50 प्रतिशत से अधिक सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं।
आरक्षण प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन जिलाधिकारियों द्वारा कर दिया गया है, और अब पंचायती राज निदेशालय की ओर से सभी दस्तावेज एकत्र कर उत्तराखंड शासन और राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिए गए हैं।
21 जून को पंचायत चुनाव से संबंधित अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रदेशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। 28 से 30 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी और अनुमान है कि 20 जुलाई तक पंचायत चुनाव संपन्न हो जाएंगे।
