November 30, 2025

गर्लफ्रेंड की सूचना बनी गिरफ्तारी की अहम कड़ी, हिस्ट्रीशीटर रामकुमार हरियाणा से रंगे हाथ पकड़ा गया

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रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर पुलिस ने देशभर में सुर्खियां बटोर चुके 29 करोड़ की बैंक ठगी के मास्टरमाइंड व 25 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर रामकुमार उर्फ चेयरमैन को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। रामकुमार दिल्ली-हरियाणा में हत्या, लूट व धोखाधड़ी के 18 से अधिक मामलों में वांछित है।

इस पूरे मामले की शुरुआत 2 सितंबर 2024 को हुई थी, जब रुद्रपुर स्थित इंडसइंड बैंक के माध्यम से NHAI और CALA के खातों से 28 से 31 अगस्त के बीच लगभग 29.5 करोड़ रुपये फर्जी चेकों के जरिए निकाले गए। इसकी सूचना CALA अधिकारी कौस्तुभ मिश्रा ने तत्काल ऊधमसिंहनगर पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई।

तत्कालीन एसएसपी द्वारा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 30 से अधिक अधिकारियों की एक SIT गठित की गई, जिसकी कमान इंस्पेक्टर अरविंद बहुगुणा को सौंपी गई। जांच में बैंक मैनेजर देवेंद्र सिंह और एक महिला क्लर्क को गिरफ्तार किया गया, हालांकि क्लर्क की संलिप्तता साबित न होने पर उसे बाद में छोड़ दिया गया।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में जांच को मिली नई धार

5 सितंबर 2024 को एसएसपी मणिकांत मिश्रा के कार्यभार संभालते ही मामले की जांच को नई दिशा मिली। एसएसपी ने जांच टीम को सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप 1 अक्टूबर को पंजाब से इस मामले के एक अन्य आरोपी ललित कुमार महेन्द्रू उर्फ लाली की गिरफ्तारी हुई। वहीं मुख्य अभियुक्त रामकुमार की तलाश में पुलिस लगातार लगी रही।

गर्लफ्रेंड की सूचना से टूटा रामकुमार का जाल

पुलिस को सूचना मिली कि रामकुमार सरोगेसी के माध्यम से पिता बनने की योजना बना रहा है। साथ ही उसकी गर्लफ्रेंड से जुड़े कुछ इनपुट्स मिले, जिनके आधार पर रामकुमार की लोकेशन ट्रैक की गई। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से हरियाणा के सोनीपत में दबिश देकर उसे 23 जून 2025 को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद रामकुमार ने खुलासा किया कि उसकी योजना करीब 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। वह लगातार VPN और प्रॉक्सी कॉल्स का उपयोग कर पुलिस से बचता आ रहा था। रामकुमार अय्याशी व महंगी जीवनशैली का आदी है और पूर्व में अपने गांव की सहकारी समिति का चेयरमैन भी रह चुका है।

गिरफ्तारी में इन अफसरों की रही अहम भूमिका

इस ऑपरेशन में SOG प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक, विवेचक उप निरीक्षक अरविंद बहुगुणा, कांस्टेबल ललित कुमार व गिरीश पाटनी की सराहनीय भूमिका रही। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने जहां रामकुमार की गिरफ्तारी पर घोषित 25,000 के इनाम की घोषणा की, वहीं पुलिस टीम को अतिरिक्त 5,000 रुपये से पुरस्कृत भी किया।

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