“विदेश भेजने के नाम पर ठगी, म्यांमार में बनवाया गुलाम – जसपुर पुलिस ने खोला साइबर क्राइम का गोरखधंधा”

एसएसपी मणिकान्त मिश्रा के निर्देशन में जसपुर पुलिस की बड़ी सफलता, म्यांमार साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़ा मानव तस्कर गिरफ्तार
उधम सिंह नगर पुलिस ने साइबर फ्रॉड और मानव तस्करी के संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। जसपुर पुलिस ने थाईलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को म्यांमार भेजकर साइबर अपराध में झोंकने वाले आरोपी सुनील पुत्र नन्हे को गिरफ्तार किया है।
बेरोजगार युवकों को बनाया निशाना
आरोपी सुनील ने मोहल्ले के ही मो. आजम और जुनैद को थाईलैंड में कंप्यूटर कार्य की नौकरी का झांसा दिया। उसने दोनों से 70-70 हजार रुपये लेकर उन्हें बैंकॉक भेजा, जहां से जंगल और नदी के रास्ते गैरकानूनी रूप से म्यांमार पहुंचा दिया गया।
वहां दोनों युवकों को बंधक बनाकर जबरदस्ती साइबर फ्रॉड से जुड़ा काम कराया जाने लगा। पीड़ित किसी तरह वहां से भागकर थाईलैंड बॉर्डर पहुंचे और भारतीय दूतावास की मदद से भारत वापस लौटे।
एसएसपी के आदेश पर तत्परता से कार्रवाई
पीड़ितों की तहरीर पर कोतवाली जसपुर में मुकदमा संख्या 143(1)(घ)/143(3)/146/318(4)/351(2)/352 BNS दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकान्त मिश्रा ने स्वयं मामले का संज्ञान लेते हुए अभियुक्त के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जसपुर पुलिस टीम ने देर रात छापेमारी कर आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू कर दी है, ताकि म्यांमार स्थित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
आरोपी के तार अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा हो सकता है, जो युवाओं को नौकरी का झांसा देकर जबरन अवैध कार्यों में शामिल करता है।
गिरफ्तार आरोपी
सुनील पुत्र नन्हे, निवासी मोहल्ला जुल्हान, डॉक्टर गुलाब राणा वाली गली, थाना जसपुर
