शिक्षा की आड़ में शोषण: दिव्यांग बच्चों पर टूटा अटेंडेंट का कहर..

उत्तराखंड की शांत वादियों के बीच देहरादून से एक ऐसी खबर आई है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। पटेल नगर के एक बोर्डिंग स्कूल में दो मासूम मानसिक दिव्यांग बच्चों के साथ शारीरिक और मानसिक क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं।
मुरादाबाद की एक महिला अपने दो मानसिक रूप से दिव्यांग बेटों के लिए एक बेहतर भविष्य की तलाश में मई की शुरुआत में देहरादून पहुंची। गूगल पर मिले विज्ञापन से उसे पटेल नगर क्षेत्र में एक नया बोर्डिंग स्कूल मिला। स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया – बच्चों की हर गतिविधि की जानकारी फोटो और वीडियो के जरिए मिलती रहेगी..
लेकिन कुछ ही दिनों में स्कूल की ओर से संपर्क टूट गया। महिला जब 16 मई को स्कूल पहुंची, तो बच्चों से मिलने नहीं दिया गया। 31 मई को जब वह फिर स्कूल पहुंची और अकेले में बच्चों से बातचीत की, तो मासूमों की सिसकियों ने सच्चाई उजागर कर दी।
बच्चों ने बताया कि एक अटेंडेंट उन्हें लोहे की रॉड से पीटता था, पेट में लात मारता और जलती सिगरेट से दागता था। यही नहीं, उस अटेंडेंट ने उनके साथ कई बार यौन शोषण भी किया।
मां की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई। पटेल नगर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी के अनुसार, आरोपी अटेंडेंट को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
मासूमों के साथ हुई ये दरिंदगी एक बार फिर उन संस्थानों पर सवाल खड़े करती है, जो विशेष बच्चों के नाम पर सिर्फ कमाई का ज़रिया बने हुए हैं। ज़रूरत है कड़े नियमों, निगरानी और जवाबदेही की।
