एनएच-74 घोटाला में ईडी ने 13.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की
- ऊधम सिंह नगर के पंतनगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच के बाद कार्यवाही
देहरादून लोकपथ संदेश ब्यूरो
प्रवर्तन निदेशालय ने एनएच-74 घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (पीएमएलए, 2002) में लगभग 13.89 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क की है।
यह कार्रवाई ऊधम सिंह नगर के पंतनगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दिलबाग सिंह, जरनैल सिंह, बलजीत कौर और दलविंदर सिंह ने राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर साजिश रची।
इन लोगों ने ‘यूपी जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम’ की धारा 143 के तहत फर्जी तरीके से बैक डेट में आदेश पारित करवाए।
इन फर्जी आदेशों को बाद में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराया गया ताकि उनकी कृषि भूमि को ‘गैर-कृषि’ दिखाया जा सके।
भूमि को गैर-कृषि दर्शाकर, इन लोगों ने एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई अपनी जमीन के बदले सरकार से 26.02 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा धोखाधड़ी से प्राप्त किया। इससे सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
ईडी की जांच में पता चला कि इस अवैध कमाई का उपयोग अपने नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने या रिश्तेदारों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। पहचान की गई 13.89 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
ईडी इस मामले में पहले भी तीन कुर्की आदेश जारी कर चुका है।
विभिन्न आरोपियों के खिलाफ देहरादून की विशेष पीएमएलए अदालत में 7 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
