हल्द्वानी किसान आत्महत्या केस में सीएम सख्त, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, वीडियो-सुसाइड नोट से मचा सियासी घमासान, कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

हल्द्वानी में काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को सौंपी गई है। जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्य और परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और गंभीर है और इसे किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने जांच अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने इस मामले को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी विस्तृत जानकारी ली और जांच में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। साथ ही, पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
दरअसल, 10 और 11 जनवरी की रात काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित गौलापार के एक होटल में आत्महत्या कर ली थी। घटना के समय होटल में उनकी पत्नी और बेटा भी मौजूद थे। आत्महत्या के बाद मृतक का एक वीडियो और सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने एक प्रॉपर्टी डीलर और उधम सिंह नगर के कुछ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। किसान ने आईटीआई थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुखवंत सिंह 4 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से परेशान थे, लेकिन पुलिस से उन्हें बार-बार निराशा मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों पर कार्रवाई के बजाय किसान को प्रताड़ित किया गया। वहीं, कांग्रेस नेता करन माहरा ने भी निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
