प्राधिकरण पर अवैध वसूली का आरोप, कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, अधिकारियों से तीखी नोकझोंक

रुद्रपुर, संवाददाता।
जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय परिसर मंगलवार को उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण पर कथित अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और गर्मा गया, जब पुलिस, प्राधिकरण अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई, हालांकि पुलिस ने हालात को संभाल लिया। कांग्रेसियों का आरोप है कि नक्शा पास करने और भवन निर्माण की अनुमति देने के नाम पर प्राधिकरण द्वारा लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में बाघ और गुलदार के बढ़ते आतंक के चलते लोग अपनी जमीन बेचकर तराई क्षेत्र में बसने को मजबूर हैं। लेकिन यहां आकर भी उन्हें राहत नहीं मिल रही है। मकान निर्माण के नाम पर प्राधिकरण की कथित मनमानी और वसूली से आमजन त्रस्त है।
धरने में शामिल राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने आरोप लगाया कि उनसे नौ लाख रुपये की मांग की गई, जिसके साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि अधिकारी स्वयं को ईमानदार बताते हैं तो उनके आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।
