November 29, 2025

सस्ते गल्ले की दुकान बहाल कराने के लिए मांगी गई लाखों की रिश्वत, दिव्यांग दुकानदार की रिकॉर्डिंग वायरल, खाद्य मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Spread the love

उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक दिव्यांग सस्ता गल्ला विक्रेता से खाद्य विभाग के कथित अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित दुकानदार ने बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर इसे सार्वजनिक किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

काशीपुर निवासी दिव्यांग दलजीत सिंह रंधावा की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को सस्पेंड कर दिया गया था। दलजीत का आरोप है कि दुकान को बहाल कराने के एवज में खाद्य विभाग के एक बड़े अधिकारी ने उनसे लाखों रुपये की रिश्वत मांगी।

वायरल ऑडियो क्लिप में दलजीत सिंह और कथित अधिकारी के बीच बातचीत रिकॉर्ड है। बातचीत में अफसर दीपावली की मिठाई के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग करता है। जब दलजीत सिंह पूछते हैं कि पैसे किसे दें, तो जवाब मिलता है – “सरकारी गाड़ी के ड्राइवर को पैसे दे देना…”

दलजीत सिंह का दावा है कि उन्होंने अब तक ढाई लाख रुपये दे भी दिए हैं, लेकिन अधिकारी बार-बार और पैसे की मांग कर रहा है। जब परेशान होकर दलजीत ने बातचीत रिकॉर्ड करनी शुरू की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

एक ऑडियो में अधिकारी खुद को फिर से जिले में पोस्टिंग मिलने की बात करता है और धमकी देता है कि अगर बात नहीं मानी तो दुकान फिर से बंद करा दी जाएगी।

इस पूरे मामले में दलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल, खाद्य सचिव और कुमाऊं कमिश्नर तक शिकायत की है। उन्होंने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की जन सुनवाई में भी अपनी बात रखी है।

मामला अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है। उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में इस वायरल ऑडियो को लेकर खासा बवाल है।

(रेखा आर्या, खाद्य मंत्री)

मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। अगर अधिकारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि वायरल ऑडियो की जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या दिव्यांग दुकानदार को न्याय मिल पाएगा। फिलहाल प्रदेश में इस प्रकरण को लेकर खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *