जहरीले नाग से डसवा कर प्रेमी का कत्ल करने वाली माही और उसका दूसरा प्रेमी रुद्रपुर से गिरफ्तार, माही निकली कॉल गर्ल, पढ़िए पूरी स्टोरी

नैनीताल। कारोबारी अंकित चौहान की हत्या को खतरनाक तरीके से अंजाम देने की मुख्य आरोपी माही उर्फ डॉली और उसके प्रेमी को पुलिस ने रुद्रपुर से गिरफ्तार किया है। हत्याकांड के दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस पहले एक सपेरे को गिरफ्तार कर चुकी है। आज आईजी नीलेश आनंद भरणे ने आज पूरे मामला का खुलासा किया।

बता दें विगत 15 जुलाई को हल्द्वानी के तीनपानी गोलापास रोड पर एक कार में व्यवसायी अंकित चौहान पुत्र धर्मपाल चौहान निवासी रामबाग कालोनी रामपुर रोड हल्द्वानी की लाश मिली थी। जिसके बाद उसकी बहन ईशा चैहान ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इधर अंकित की पोस्टमार्टम से यह स्पष्ट हुआ कि उसके दोनों पैरों के पिछले हिस्से में सांप के काटने के निशान हैं। जिस पर पुलिस को यकीन हुआ कि अंकित की हत्या हुई है। जिसके बाद पुलिस ने काॅल डिटेल खंगाली तो गोरा पड़ाव निवासी डॉली उर्फ माही से उसका संपर्क होना पाया गया। जब पुलिस ने माही की काॅल डिटेल खंगाली तो पता चला कि रमेश नाथ नामक सपेरे से उसकी बातचीत होती थी।
पुलिस ने सर्विलांस व अन्य तरीकों से रमेश नाथ को गिरफ्तार किया तो उसने सारे राज उगल दिये। अब पुलिस को चार और आरोपियों की तलाश थी। जिसमें मुख्य आरोपी और हत्याकांड की मास्टर माइंड माही, दीप कांडपाल, माही की नौकरानी उषा और उसका पति रामअवतार शामिल थे।
आज आईजी भरणे ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पुलिस की चार टीमें इन आरोपियों की तलाश में जुटी थी। दिल्ली, हरियाणा, नेपाल, बिहार व उत्तराखण्ड’ के कई जिलों में पुलिस टीमों को रवाना किया गया। पुलिस ने चारों आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम रख दिया। वही आईजी नीलेश आनन्द भरणे ने 50 हजार रुपये के नकद इनाम घोषणा की। इस बीच माही और उसका प्रेमी दीप कांडपाल लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे।
पुलिस ने गुप्त सूचना पर रुद्रपुर के एएन झा इंटर कॉलेज के समीप से माही और दीप कांडपाल को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूला। हत्याकांड को लेकर माही ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार के साथ प्रेमपुर में रहती थी। वर्ष 2008 में बचपन के प्रेमी द्वारा धोखा दिये जाने से आहत होकर घर छोड़कर अलग रहने लगी। इस दौरान वह हल्द्वानी में देह व्यापार का धंधा करने वाली महिलाओं के सम्पर्क में आ गई। उनके साथ उसने काम करना शुरू कर दिया। तभी वर्ष 2016 में दीप कांडपाल निवासी मोटाहल्दू से उसकी मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद दीप कांडपाल उसका दोस्त बन गया और उसके कार्यों में मदद करने लगा। इस दौरान माही और दीप कांडपाल के शारीरिक संबंध भी बन गये। इसके बाद उसने वर्ष 2017 में माही ने अर्जुनपुर में प्लॉट खरीदकर अपना मकान बनाया। वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात गाड़ी खरीदने को लेकर अंकित चौहान से हुई। उसके बाद उसकी अंकित से नजदीकियां बढ़ गईं। जब दोस्ती आगे बढ़ी तो अंकित हर शनिवार माही के घर में ही रहने लगा और दोनों पार्टी करते और साथ में शराब भी पीते थे। माही से दोस्ती होने के बाद अंकित उसकी ओर खिंचता चला गया। अंकित उस पर रुपये लुटाता था। बाद में अंकित छोटी-छोटी बातों पर माही को टोकने लगा। उसे माही का अन्य किसी से बात करना पसंद नहीं था। माही अंकित से झूठ बोल कर अपने ग्राहकों के साथ जाती, अंकित कई बार उसे फोन करता और सवाल जवाब करता। तकरार बढ़ी तो अंकित ने शराब पीकर गाली-गलौच और मार पीट शुरू कर दी। इसी बीच अंकित की एक अन्य लड़की से दोस्ती की बात को लेकर भी माही उससे नाराज रहने लगी और अंकित के व्यवहार से उसे पता चल गया था कि वह उससे शादी नहीं करेगा। वह सिर्फ उसका इस्तेमाल कर रहा है, जिस कारण धीरे-धीरे माही के अन्दर अंकित से बदला लेने की भावना जागने लगी। अंकित के व्यवहार को लेकर उसका माही का पुराना प्रेमी दीप कांडपाल भी एतराज करने लगा। माही अब अंकित को रास्ते से हटाना चाहती थी। उसने दीप को भी तैयार कर लिया।
इस दौरान माही का संपर्क किसी परिचित के माध्यम से वर्ष 2022 में रमेश नाथ सपेरा से हुआ। सपेरे के माध्यम से माही ने अपने घर में कालसर्प दोष की पूजा की। सपेरा पूजा के लिए जंगल से साँप पकड़कर लाया था और पूजा का विधान पूरा कर साँप को जंगल में छोड़ आया। इसके बाद माही ने रमेश नाथ से छह महीने पहले काल सर्प दोष की दीक्षा ली। तबसे सपेरे का उसके घर आना-जाना शुरू हो गया। इस बीच माही ने सपेरे से भी शारीरिक संबंध बनाए। एक साल पहले आदर्श नर्सरी के पास रहने वाली उषा देवी को माही ने अपने घर पर काम करने के लिए रखा था जिस कारण उषा देवी व उसके पति रामअवतार का भी माही के घर आना-जाना हो गया। इधर अंकित जब भी उससे मारपीट करता तो माही रामअवतार की झोपड़ी में चली जाती थी और वही रुकती थी और कभी-कभी खाना खाने भी जाती थी। अब माही की राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी से गहरी घनिष्ठता हो गई। सपेरे ने यह सलाह दी कि अंकित को विषैले सांप से कटवा दिया जाए तो कोई शक नहीं करेगा। जिस पर वारदात की पूरी पटकथा लिखी गई।
इस दौरान सात जुलाई को रमेश नाथ को पंचायतघर के पास एक ब्यूटी पार्लर में एक साँप घुसने की बात पता चली और उसने मौके पर जाकर कोबरा प्रजाति के साँप को पकड़ कर अपने पास रख लिया। यह बात उसने माही को बताई की सांप पकड़ लिया है। अगले दिन यानि आठ जुलाई को अंकित का जन्मदिन था। उसी दिन इन लोगों ने अंकित की हत्या का प्लान तैयार किया, लेकिन उस रात उन्हें मौका नहीं मिल पाया तो अंकित बच गया।
इसके बाद माही, दीपू कांडपाल ने रमेश नाथ सपेरा, राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी के साथ मिलकर योजना बनायी कि अंकित को घर बुलाकर साँप से कटवाने के बाद उसी की गाड़ी में डालकर कही ठिकाने लगा देंगे। 14 जुलाई को माही ने अंकित को कहीं चलकर पार्टी करने और बीयर पिलाने के लिये कहा। अंकित को इसकी भनक ही नहीं थी कि यह पार्टी उसकी अंतिम पार्टी साबित होगी। अंकित राजी हो गया फिर माही ने सभी लोगों को अपने घर पर बुलाया। सपेरा भी साँप लेकर माही के घर पर आ गया। रमेश नाथ सपेरा, राम अवतार व उसकी पत्नी उषा देवी घर के मन्दिर वाले कमरें में छिप गये। शाम करीब 6 बजे अंकित, माही के घर पर पहुँचा, तब बारिश हो रही थी। अंकित के पीछे-पीछे दीपू कांडपाल भी माही की स्कूटी से आ गया। अंकित माही के बेड पर बैठा था, तभी माही ने उसे पानी में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। इसी बीच दीपू कांडपाल ने अपने आप को सुखाने के लिये जो कम्बल पकड़ रखा था। उसकी आड़ में इन सब ने अंकित के ऊपर कम्बल डाल दिया और उसे पूरी तरह से दबा दिया जब अंकित के ऊपर नींद की गोली का असर होने लगा और वो काबू में आ गया। तभी माही ने सपेरे से साँप लाने के लिये कहा। वह साँप लाया माही ने अंकित की जीन्स ऊपर की ओर साँप से कटवाया। वह तड़पता रहा। थोड़ी देर में जल्दीबाजी में पैर में देखा तो जिस पैर में साँप से कटवाया था उस पैर की बजाय दूसरे पैर को देखा तो वहां साँप के काटने का निशान नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने दोबारा दूसरे पैर पर साँप से कटवाया। सांप के काटने के थोड़ी देर में अंकित ठंडा पड़ गया। जिस पर दीपू ने कहा कि बॉडी को कुर्सी में बैठा दो जिससे गाड़ी में डालने में आसानी हो बॉडी अकड़ सकती है। इस बीच माही ने दिल्ली जाने के लिए टैक्सी बुक कर ली और टैक्सी चालक दिल्ली निवासी को अपनी लोकेशन भेजी। इसके बाद इन लोगों ने अंकित की लाश को उसकी गाड़ी की पिछली सीट में बैठाया और गाड़ी से दीपू कांडपाल व रामअवतार निकले। सपेरा माही को उसकी स्कूटी में बैठाकर राम अवतार की झोपड़ी में छोड़ने गया। इसके बाद वो भी स्कूटी से अंकित की गाड़ी के पीछे-पीछे भुजियाघाट चला गया। लेकिन वहां पहुंचकर उनका प्लान बदल गया। इन्होंने अंकित की गाड़ी को तीनपानी गौला बाईपास रोड पर स्टार्ट कर एसी ऑन कर छोड़ दी। फिर राम अवतार के घर के पास से ही टैक्सी से दिल्ली को निकल गये। गाजियाबाद पहुँचकर ये सभी लोग वापस बरेली आये, जहां से माही और दीपू काण्डपाल, राम अवतार के पीलीभीत स्थित गाँव चले गये और सपेरा बहेड़ी अपने घर चला गया। अगले दिन माही और दीपू काण्डपाल वापस दिल्ली गये और माही ने अपनी बहन के घर अपनी दोनों पालतू बिल्लियां छोड़ दीं। 15 जुलाई से लुकाछिपी का खेल खेलने के बाद माही और दीपू अपने किसी परिचित के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर करने के लिए वकील से मिलने आ रहे थे, इस बात की भनक पुलिस को लग गई। पुलिस ने उन्हें रुद्रपुर में ही दबोच लिया।
आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम कोतवाल हरेन्द्र चौधरी, एसआई विजय मेहता, दारोगा महेन्द्र प्रसाद, चौकी प्रभारी मंगलपडाव जगदीप नेगी, दारोगा कुमकुम धानिक कोतवाली, मंडी प्रभारी चौकी गुलाब सिहं कम्बोज, इसरार नबी, घनश्याम रौतेला, चन्दन नेगी,अरुण राठौर, वंशीधर जोशी, छाया के अलावा एसओजी टीम एसओजी प्रभारी राजवीर सिंह नेगी, कुन्दन कठायत, त्रिलोक रौतेला, दिनेश नगरकोटी, अनिल गिरी, भानुप्रताप, अशोक रावत शामिल रहे। पुलिस टीम को आईजी निलेश आनंद भरणे ने 50 हजार रुपये, एसएसपी पंकज भट्ट ने 25 हजार रुपये और मृतक अंकित चौहान के परिजनों ने 50 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।
